बालो को सहलाते सहलाते
कब तुम्हारे ये हाथ
हमारे पेटीकोट की डोरी तक पहुँच जाते हैं
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
सफ़र में जाते वक़्त, भीड़ के बहाने
जब तुम पीछे आके चिपक जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
हाथ पकड़कर रास्ते पर आती गाड़ियों से बचाने के लिए
आगे बढ़ते तुम
कब कमर को थाम लेते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
केयर दिखने के बढ़ाने चहरे से तिनका हटाते हुए तुम
कब मेरे गालो को सहला जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
रोती हुई मैं
कन्धा देने वाले तुम
जबरदस्ती सीने से लगाने की कोशिश करते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
सभ्य लिबास पहने हुए सामने खड़ी लड़की का
तुम आँखों से रेप कर देते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
हसीं मस्ती मजाक में खेल खेल में जब तुम्हारा हाथ
मेरे स्तनों को छू जाता है
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
हाँ प्यार हमें भी होता है
पर हमें हमबिस्तर होना पड़े जरुरी तो नहीं।
लेकिन एक बार
हमबिस्तर हो जाने के बाद
'डी फ्लावर' हो चुकीं लड़की
तुम खिलोने की तरह ठुकरा देते हो।
और फिर भी मर्द बनके
अपने आप को सही ठहरा जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
जब कहते हो
'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'
और फिर भी हर गाली में तुम
माँ बहन को ही लाते हो
और अपने आपको उच्चकहलाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
एक लड़की के जन्म होने पर
कैसे तुम मुह बना लेते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
जब अकेले जाते हुए हमे 'सिर्फ एक मौका' समझ लेते हो
और फिर मेरी चुप्पी को इजाज़त समझ लेते हो
हाँ... मुझे तब भी पता नहीं चलता।
अजीब कशमकश भरी हमारी दुनिया
किसी से बात न करो तो घमंडी कहलाते हैं
किसी से दो बात हसी मजाक करें तो "Too Friendly या Modern" हो जाते हैं
कब तुम दोस्ती के रिश्ते में प्यार ले आते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता
हस्ती खेलती छोटी बच्ची में
खिलने के लिए मुझको सब आतुर रहते हैं
और कब रिश्तेदार मेरे no touching part को छू जाते हैं
रिश्ता ख़राब ना हो जाये इसीलिए जब
घरवाले बात को दबाने के लिए बहाने बनाते हैं
हाँ ..मुझे पता नहीं चलता
साइज़ का फर्क है बस यही बात है
लेकिन तुम्हारी बहन का भी वही चमड़े का लिबास है
Suit Saree जब हम पूरे कपडे पहनती है
लेकिन तुम्हारी निगाहें ना जाने कौनसे अंग को ढूंढती हैं
हाँ.. मुझे पता नहीं चलता
Women Empowerment होते हुए भी लडकिय क्यों आगे नहीं बढती है
ऑफिस में तुम्हारी निगाहें क्यों हमारे सीने से ऊपर नहीं उठती
जानबूझकर चलते फिरते युही इधर उधर हाथ लगा जाते हो
ओह, सॉरी गलती से हुआ कह कर पल्ला झाड जाते हो
हाँ.. मुझे पता नहीं चलता
हम तो प्यार करने पर आयें तो पूरा रिश्ता निभाते हैं
शादी करने के लिए अपने घरवालों को भी मनाते हैं
लेकिन तुम जब तक चल रहा हो बस टाइम पास करते हो
फिर जब घरवाले नहीं मान रहे ऐसे बहाने बनाते हो
हाँ.. मुझे पता नहीं चलता
फिर जब हम घरवालों के लिए भोज बन जाते हैं
हमारे लिए नए नए लड़के ढूंढे जाते हैं
उनकी कमायी के हिसाब से शादी का बजट बनाया जाता है
किसी अनजाने और अनचाहे मर्द से शादी का रिश्ता करवाया जाता है
फिर दहेज़ से हमारी रेस्पेक्ट को तोला जाता है
लालची सास नन्द द्वारा हमे ताना सुनाया जाता है
जब तुम सब मेरी पीठ पीछे बुरे करते रहते हो
सच मुझे पता नहीं चलता
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