बालो को सहलाते सहलाते
कब तुम्हारे ये हाथ
हमारे पेटीकोट की डोरी तक पहुँच जाते हैं
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
सफ़र में जाते वक़्त
जब तुम पीछे आके चिपक जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
हाथ पकड़कर रास्ते पर आती गाड़ियों से बचाने के लिए
आगे बढ़ते तुम
कब कमर को थाम लेते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
चहरे से तिनका हटाते हुए तुम
कब मेरे गालो को सहला जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
रोती हुई मैं
कन्धा देने वाले तुम
जब हमारा फायदा उठाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
जब सामने खड़ी लड़की का
तुम आँखों से रेप कर देते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
खिलखिलाहट में जब तुम्हारा हाथ
मेरे स्तनों को छू जाता है
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
हाँ प्यार हमें भी होता है
पर हमें हमबिस्तर होना पड़े जरुरी तो नहीं।
लेकिन एक बार
हमबिस्तर हो जाने के बाद
'डी फ्लावर' हो चुकीं लड़की
तुम खिलोने की तरह ठुकरा देते हो।
और फिर भी मर्द बनके
अपने आप को सही ठहरा जाते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
जब कहते हो
'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः'
और फिर भी हर गाली में तुम
नारी को ही लाते हो
और अपने आपको उच्च रखते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
एक लड़की के जन्म होने पर
कैसे तुम मुह बना लेते हो
हाँ मुझे पता नहीं चलता।
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