ये जो रिश्ता है नाम कुछ भी हो, यह जैसा है वैसा रहने दो। | Love Beautiful Shayari

 तुम शर्माती रहना, तुम्हें न करनी हो बात तो कोई नहीं, मुझे कहने दो

अभी तो आयी हो, इतनी जल्दी चल दिये मुझे तुम्हारे पास कुछ और रहने दो।


ये जो दे रही हो अगली बार मिलने का वादा मुझसे सोच समझकर देना

जाने नही दूंगा फिर कभी तुम्हे, कभी बाद में कहो मुझे अकेला रहने दो


चार शायरी सुनकर मेरी कहती है मैं भी शायरी लिखूँगी

कसाई के हाथ मे गंगाजल अच्छा नहीं लगता, तुम रहने दो


ये जो हल्की सी मुस्कान है तुम्हारे चहरे पर मुझे देखकर आती है

इसे इश्क़ मत कहना, तुमसे ना हो पायेगा तुम रहने दो।


तुम्हें मेरी आदत लग रही है, ये मैं भी महसूस करता हूँ

मगर आदत को इश्क़ का नाम न दो, इसे बस आदत ही रहने दो।


तुम मुझसे लड़ती हो, रूठती हो, फिर लौट भी आती हो

ये जो रिश्ता है नाम कुछ भी हो, यह जैसा है वैसा रहने दो।


जानती हो कुछ समय के लिए फिर बिछड़ जाना कितना दर्द देता है

इसकी कसक को दवा मत दो, ये घाव मीठा है रहने दो।

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