अब ये जिस्म तो क्या है बस एक जिन्दा लाश है,

 चहरे पे हस्सी है मेरे होठो पे मुस्कान है,,,

पर फिर भी न जाने दिल क्यों मेरा उदास है,,,


मैंने प्यार किया तो वफ़ा भी निभाई है,,,

फिर भी क्यों सिने में दर्द ही दर्द मेरे पास है,,,


उस लड़की में भी हुनर की कमी नहीं है,,,

गुनाह करके भी बच जाना ये उसमे हुनर खास है,,,


यूँ तेरा औरो से मिलना तो जला कर खाक कर देगा मुझे

कभी आधी कभी पूरी आती मुझे सांस है,,,


जीवन भर साथ निभाने की कसमे खाने वाली,,,

समुन्दर की नहीं प्यार की एक बूंद मुझे प्यास है,,,


किस्मत वालो को ही मिलता है सच्चा प्यार निभाने वाला,,,

एक तुझी पे शुरू और तुझी पे खत्म मेरी आस है,,,


मेरी खामोशी से उसकी जान निकल जाती थी।

उसी लड़की की मुझे कहीं तलाश है,,,


तुझसे बिछड़ा तो कुछ ऐसा सा हो गया हु मैं,,,

के मानो दर्द से भरी हो कोई पोटली और ये चमड़ी उसका लिबास है,,,


जिसके लिए ये दिल धड़का करता वो अब दूर हो गया "aashu"

अब ये जिस्म तो क्या है बस एक जिन्दा लाश है,,,

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