उसे कहदो अब मुझे सताना छोड़ दे,,,
दूसरो के साथ रहकर जलना छोड़ दे,,,
या तो मेरे सपनो में आना छोड़ दे...
या फिर मुझे सपने दिखाना छोड़ दे..
तेरे चहरे से तेरा हाल साफ़ साफ़ छलकता है...
यूँ आखो ही आखो में हाल बताना छोड़ दे...
1 पल की ख़ुशी नहीं दे सकती तुम...
तो हर पल यूँ मुझे रुलाना छोड़ दे...
तुझे मुझसे मिलना अछा नहीं लगता तो ठीक है...
यूँ बार बार मजबूरियों का नाम लेना छोड़ दे...
यूँ तो तुझे मेरे जज्बातों की कदर नहीं,,,
तनहइयो में मेरी गजले गुन गुनना छोड़ दे...
मुझे मालूम है तुझे मेरी सूरत पसंद नहीं,,,
पर यूँ छुप छुप के निहारना छोड़ दे,,,
मन के नफरत है तुम्हे मेरी आवाज से,,,
तो सुनकर मेरी आवाज यूँ हड्बद्दाना छोड़ दे,,,
मालूम है मुझे नहीं होती तुम्हे खुँशी मुझसे मिलकर,,,
देख कर मेरी तरफ यूँ मुस्कुराना छोड़ दे,,,,
जो नहीं है प्यार तो कह दे एक बार,,,
यूँ औरो को मेरे किस्से सुनना छोड़ दे...
तुम्हे मालूम है मुझे पसंद है तेरा आखो में काजल लगाना,,,
यूँ रोज रोज आखो में काजल लगाना छोड़ दे,,,
अगर चाहती हो मुझसे बचना तो कहदे...
aashu की तू ये तेरी दुनिया छोड़ दे...
अब या तो तू मुझे अकेला छोड़ दे...
या मुझे तेरे पास ही छोड़ दे...
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