मुझसे ना पूछो मेरी बर्बादी की वजहें क्या रही
उसकी आँखों में देखने के बाद खो गया था मैं , कुछ याद नही
मुझसे ना पूछो जाने के बाद कि अब मेरा हमसफर कौन है
यूँ तो बहुत सी महोब्बतें हुई लेकिन तेरे बाद नही
उस जगह से आगे मैं बढ़ नही पाता जिस जगह पे हमने 2 पल बिताये थे
सुनो! मैं अब भी तुझमे कहीं कैद हूँ, आज़ाद नही
बरसों बाद मेरे हालात देख कर रो के बोला वो
अपना ध्यान रखा करो, ये मेरा हुकुम है, कोई फरियाद नही
तुम्हारे दिए गए कुछ उपहार, यादें और कुछ खत
यहीं है बस अब जिंदगी में इनके अलावा कोई मेरी जायदाद नही
मैं लोगों से अपने गम ऐ जज्बात कहता गया लोग वाह वाह कहते गए
मेरी शायरी सुनकर मुझे आपसे प्यार चाहिए, दाद नही
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