अब जो आये हो साथ मे हमसफर बनके
रस्ता बहुत छोटा है जरा चलो आहिस्ता आहिस्ता
अभी तो आँखें मिलाना शुरू ही किया है
धीरज रखिये उसे भी प्यार होगा लेकिन आहिस्ता आहिस्ता
कभी तो आओ खुल के प्यार के मैदान में
कब तक फ़ोन पे बात करोगे बोलके आहिस्ता आहिस्ता
अभी तो प्यार की मीठी बातों का रस पी रहा हूँ
बाद में तेरी जुबाँ से उगलेगा जो ज़हर वो भी पी लूंगा आहिस्ता आहिस्ता
Comments
Post a Comment