कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं तुम कह देना कोई खास नही

 कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


एक दोस्त है कच्चा पका सा

एक झूठ है आधा सच्चा सा

जीवन का ऐसा साथी जो दूर है पर पास नही


कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


जहां हम न मिले हों ऐसी कोई राह नही 

आज भी उस मोड़ पर कोई खड़ा नही

लेकिन वो आज भी इंतजार में है उसके

जिसके आने की कोई आस नही


कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


दूर से देखुँ तो आँखे न हटाऊँ

पकड़ा जाउ तो मैं नजर चुराऊं


एक प्यार की बूंद ही काफी है मेरे लिए

समुन्दर की मुझे प्यास नही


कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


किसी और से बात करो तो दिल जलता है

तेरी एक मुस्कान से ये दिल पिङ्गलता है

इसमे मेरा कोई कसूर नही

जिंदा इंसान हूँ मैं कोई लाश नही


कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


दोस्ती का पूछो तो नाम तुम्हारा सबसे ऊपर लिखू

प्यार का पूछो तो सिर्फ एक नाम तुम्हारा लिखू

बस इतनी सी कहानी है

तुम्हारे अलावा जीवन में किसी की तलाश नही


कोई तुमसे पूछे कौन हूं मैं

तुम कह देना कोई खास नही


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