नींद मुझे जब ना आये, करवटे बदल के सारी रात सो जाऊ क्या
होली सी आवाज मे लोरी सुनके तेरी, गोद मे सर रख सो जाऊ क्या
मिलना मिलाना तो अब कभी कभी की बात रह गयी हैं
तू कहे तो तेरी यादों के सहारे, जिन्दगी गुजार जाऊ क्या
जाने फिर तुम कब आओ, हाथो में हाथो को फिर से कब थामो
कॉल करू या msg करू, मिलने के बहाने फिरसे याद दिलवाऊ क्या
सुना है प्यार इश्क़ और वफ़ा की बातें अब अच्छी लगती हैं तुम्हे
जला के अपने सीने में आग, मेरी आप बिती सुनाऊ क्या
कहती थी तुम मुझसे किस से डरते हो, क्यों छिपाते हो रिश्ता हमारा
अरे जब इश्क़ मुझे तुमसे है तुम्हे मुझसे है, औऱ क्या शहर में ढिंढोरा पिटवाऊ क्या
माना के हम इज़हार नही करते, होंगे आशिक़ तुम्हारे आज भी भतेरे
सुनो, कहो तो ले जाके चौराहे पे सबको, उनसे तुमको भाभी बुलवाऊ क्या
क्या कहा कौन मरता है आज के वक़्त किसी के कोई बगैर
ऐसा है तो फिर मय्यत को मेरी, तेरी गली से गुजरवाऊ क्या
यूँ तो बहुत चर्चे थे हमारे प्यार के शायद किस्मत में नही था एक होना
बना के तेरे नाम की लकीर मेरे हाथ में, चाहत में हद से गुजर जाउ क्या
क्या कहा तुमने मजबूरी है मेरी, मम्मी पापा नही मान रहे
तो फिर मैं भी तुम्हे देके अपनी शादी का कार्ड, अच्छा बेटा बनके दिखाऊ क्या
चलो जो हुआ सो हुआ तुम जहां रहो जिसके साथ रहो खुश रहो "aashu"
इस जन्म में तो हम एक हो ना सके, तू कहे तो अगला जन्म भी तेरे नाम कर जाऊ क्या
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